success story in hindi ।। अफसर बनने का सपना - success new life

Breaking

success new life

I am very good article writer on my blog.my opinion is to expose the inner feelings of people. I go free from all the anger, laziness, hostility and jealousy. Success new life website are learn technical, motivational story for beginner student.all competition related books education for jobs.

Friday, June 26, 2020

success story in hindi ।। अफसर बनने का सपना

Success story in hindi and Success stories India

यहाँ आपको सफलता की ऐसी story सुनाऊँगा की आप तुरंत सफलता पाने की इच्छा से इन रस्तो पर मेहनत करना शुरु कर देंगे।

Killer way to success in world

जि हाँ सही सुना आपने ऐसा story है जिसे आप सुनकर हैरान हो जायेंगे। killer way का मतलब इस story मे आपको सफलता के रास्ते killer ही मिलेंगे जिसे कर पाना बेहद मुस्किल है। तो आपको देरी किये बिना ही सीधा आपको उस कहानी की तरफ ले चलता हू जिसे आप पढने के लिए बहुत ही बेताब होंगे, जिसे सुनकर भी आप लक्ष्य का पीछा करने के लिए उतावले है।

अफसर बनने का सपना

मैने इस कहानी के नाम अफसर बनने का सपना इसलिये दिये है की इस कहानी मे एक बच्चे ने अफसर बनने की लक्ष्य बनने की इच्छा ठानी है।
Success Story in Hindi
नोट;- यह कहानी किसी कल्पिनिक है इस कहानी को किसी घटना से संबंधीत नही है। इसे आपको सफलता की राह और मेहनत करने के लिए लिखा गया है।

एक छोटे से गावँ मे मीरा बाई नाम की एक औरत रहा करती थी। वो बहुत ही गरीब थी पर दिल के बहुत ही साफ थी। वे किराये के घर मे गुजर बसर करती थी। उसके पति को किसी हादसे मे गुजरे 2 साल हो गए थे। भगवान की कृपा से उसे एक लड़का भी था। जिसका नाम राहुल था। वे पढाई मे बहुत ही होशियार थे। 
            पति को गुजरने के बाद घर चलाने की सारी जिम्मेदारी मीर बाई के कन्धो पर ही आ गई थी और साथ मे राहुल के पढाई का खर्चा भी था। मीर बाई हमेशा सोचती की उसका बेटा एक दिन बड़ा अफसर बने। मीरा बाई जब काम करने जाती तो राहुल भी उसके साथ चला जाता। मीर बाई लोगो के घर जाकर बरतन माजती और कही खाना बना देती। वही राहुल लोगो के घर बैठे-बैठे अखबार को बड़े ध्यान से पढता। 
             एक दिन जब राहुल अखबार पढने लगा तो उस घर की मल्किन ने बड़ी गुस्से से कहा "अरे राहुल अखबार पढाके क्या तू बड़ा अफसर बन जायेगा?" इससे अच्छा तू माँ के काम मे हाथ बटा,कम से कम उसे कुछ मदद तो हो जायेगी। इसपर राहुल ने बोला- मलकिन "मुझे बड़ा अफसर बनना है, कलेक्टर बनना है" हम किताबे नही ले सकते। इसलिये ज्यादा ज्ञान के लिए मैं अखबार पढता हूँ। इस बात पर मलकीन बोली "तू और कलेक्टर बनेगा" और जोर-जोर से हसने लगी। इस बात पर मीर बाई को यह बात बहुत बुरी लगी और वे दोनो वहा से चले गए।
             कुछ दिन बाद मीरा बाई ने शादियो मे रोटि बनाने का काम शुरु की। वो अकेले ही 15 से 20 रोटिया बना लेती थी। इसके लिए वह सुबह 3 बजे ही अपना काम शुरु कर देती थी, उसके साथ-साथ राहुल भी उठता था और माँ को मदद करके अपनी पढाई भी पूरी करता था।
             एक दिन मकान मलिक उसके पास आये और बोले- मीर बाई तुम और तुम्हारा बेटा सुबह 3 बजे ही उठ जाते हो और ये लाईट जलाते हो, "तुम्हारी वजह से बिजली का बिल ज्यादा आ रहा है, बिजली का बिल दिया करो वर्ना मकान खाली करो" और मकान मलिक वहा से चले गए। फिर राहुल ने लालटेन जलाई और पढाई करने लगा। माँ भी उस प्रकाश में रोटिया बनाने लगी। ऐसे ही राहुल ने अगले कुछ सालो तक जि लगकर पढाई की और class मे हमेशा अब्बल आने लगा। 
             राहुल की लगन को देखकर अगली पढाई के लिए उसके गुरुजी ने उसे दिल्ली जाने के लिए सलाह दी और खुद खर्चा उठाने की जिम्मेदारी ली। राहुल तब 22 साल का हो गया था फिर क्या था? राहुल दिल्ली चला गया और वहा खुब माँ लगाकर पढाई करने लगा। वहा वो घंटो लाइब्रेरी मे किताबे पढता रहता था।
             फिर एक दिन जब exam का टाईम आया और वो रास्ते मे जा ही रहा था कि जाते-जाते रास्ते मे किसी कार ड्राईवर ने उसे ठोक दिया। राहुल जमीन पर गिर गया। उसके सिर पर और बाई हाथ मे बहुत ज्यादा चोट लग गया। राहुल सोचने लगा "मेरे बाई हाथ मे चोट लगी है और सिर से  खून भी बह रहा है", इस हालात मे मै अस्पताल कैसे जाऊ या exam कैसे देंने है? अगर अस्पताल गया तो मेरा ये पूरा साल बरबाद हो जायेगा और मेरे लिए मुुम्कीन नही है ये, फिर दिल्ली मे रहने का खर्चा कौन ऊठयेगा? मेरे तो बाये हाथ पर चोट लगी है, मेरा दाया हाथ तो अभी भी ठीक है, मैं दाये हाथ से exam दूगा। फिर राहुल सीधा वहा से exam center पहुचा और exam दी।
           
Success Story in Hindi
  Exam देने के बाद राहुल अस्पताल मे भर्ती हो गया और इलाज करवाया। राहुल ने अस्पताल मे पढाई जारी रखा और interview attend किया।

             फिर कुछ दिनो के लिए राहुल माँ के पास गाँव वापस चला गया। कुछ दिन बाद result के दिन माँ ने अखबार लाया और राहुल को result देखने को कहा। राहुल ने result देखा तो उसने जोर-जोर से चीख निकाली, " माँ मै पास हो गया और मै कलेक्टर बन गया" फिर यह सुन दोनो रोने लगी।

Hints:-  तो दोस्तो क्या समझे? इस कहानी से की हमे हमेशा अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मेहनत करनी चाहिये। दुनिया चाहे हम पर हसे या मजाक उड़ाये लेकिन कभी अपने आपको शर्म नही करना है, और हमेशा अपने लक्ष्य का पीछा करना चाहिये। कामयाबी जरुर मिलती है।

हमारे कुछ popular post है इसे भी पढ़े।

1 comment:

Let me now flow this blog

Translate