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Thursday, July 2, 2020

dharm kya hai in hindi । hindu dharm kya hai ?

।। धर्म का विज्ञान ।।

यू देखा जाये तो एक प्रकार से धर्म ही विज्ञान का ही वक रुप है। यहा हम जानेंगे की धर्म क्या है और वे कितने प्रकार केे होते है? 

धर्म का विज्ञान

धर्म क्या है?

         धर्म का अर्थ है पुजापाठ और कर्मकाण्ड ही नही बल्कि धर्म का अर्थ होता है कर्तव्य, शब्द, समाज, परिवार और मानव मात्र के हित मे जो करने योग्य होते है उसे ही धर्म कहा जाता है।
         अगर आप और अधिक विस्तार से जानना चाहते है तो किताबे खरीदकर पढना अनिवार्य है। यहा हम धर्म के अधार पर दुसरे शब्दो मे कह सकते है, जो मानव की मानवता स्थिर रखता है, वही धर्म है।
          प्राचीन काल मे वैज्ञानिक के प्रसिध योगदान द्वारा जगह जगह पर उनका धर्म के साथ टकराव का उल्लेख होता है। अगर हम धर्म के विषय पर बात करे तो इसकी विवेचना करना हमे आवश्यक हो जाता है। इस दृष्टि के अधार पर दो वर्गो मे बाटा जाता है:-
        1. मौलिक धर्म
        2. क्रन्तिकारी धर्म

मौलिक धर्म:-

Maulik dharm kya hai

        मौलिक धर्म मे लोगो के जिवन पधति के रूप मे उत्पति और विकास का एक जीता जगता रूप है। यहा हमे धर्म को अलग-अलग निम्न वर्गो मे देखा जा सकता है, हिन्दू धर्म, पारसी धर्म और यहूदी धर्म। इन्ही लोगो ने जिवन जीते हुए एक पधति बनाई और वही पधति आजतक धर्म का रूप लेती गई। 
       आज के समय मे देखा जाय तो परिवर्तन हमारे जिवन का एक अभिन्न अंग बन चुका है। इसी के अनुसार इन धर्मो के लोगों ने ही वैज्ञानिक विकास और उसके कारण होनेवाले परिवर्तनो मे अपनी जानो से ज्यादा मदद भी की। इन्होने कभी इसके बारे मे विरोध नही किया। उस समय हर परिवर्तन को सत्य और तर्क की कसौटी पर परखा गया और अपनाया भी गया।
       आप उदाहरण से समझ लिजिये, हिन्दू धर्म मे शस्त्र व शास्त्र जिवन के अभिन्न व एक दुसरे के प्रति अपना अंग मनते थे। शस्त्रो की रक्षा शास्त्र द्वारा ही सम्भव होता है तथा शस्त्र कब उठाना होता है, उस वक्त हमे शास्त्र बताता था। प्राचीन समय मे देखा जाय तो हमारे सभी देवी देवता शास्त्रधारी है।
        कुछ लोग कहते है हर युग और समय के साथ सब कुछ बदलता है, इसी प्रकार धीरे-धीरे हिन्दू धर्म मे शास्त्रो पर शस्त्र भारी पडने लगे।

क्रन्तिकारी धर्म:-

करन्तिकरी धर्म
क्रन्तिकारी धर्म

       इस धर्म मे मौलिक धर्म को देखते हुए भारत मे बौध और जैन धर्म का अवतरण हुआ। तत्पश्चात व्यवस्था मे परिवर्तन के लिए ईसा मसीह का अवतरण हुआ। उस वक्त क्रांतिकारी हर एक के बीच चल रहा था। उसी समय ईसा मसीह गुलाम हुए लोगो के लिए बनाये हुए जैन धर्म  की ओर कलनतर की पैगंबर जैसे क्रांतिकारी साम्राज्य की स्थापना को ध्यान मे रखते हुए सही राह पर लाने के लिए ही आए। मुगल काल मे भारत मे सिख धर्म का परिवर्तन होना ही एक उदाहरण है।
        क्रन्तिकारी धर्म के समय मे कौन-कौन महान आदमी आए थे। आइये विस्तार से जनते है:- भारत मे महात्मा बुध व महावीर ने सत्य और अहिंसा का मार्ग सुझाया, जि तत्कालीन संदर्भ मे अति उचित था। सभी अपने विलासिता को छोडकर सादगी से रहने के लिए लोगो को प्रेरणा दिये। अपने भौतिक सुखो से दूर रहने की सलाह दी।
आपलोगो से हमे बेहद खुसी हूई ये जानकरी देकर, अब आप भलीभांति समझ गये होंगे। कृप्या अपने दोस्तो को भी जानकारी देने की कृपा करे और शेयर भी करे।

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